बार-बार फट रहे हैं होंठ? जानें किन स्वास्थ्य समस्याओं और Vitamin की कमी का हो सकता है संकेत

Dr. Piyush Kumar
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Dr. Piyush Kumar

Published on: 29 Jul 2026
Last updated on: 29 Jul 2026

Cracked Lips Causes को समझना जरूरी है क्योंकि बार-बार फटते होंठ हमेशा सिर्फ मौसम की वजह से नहीं होते। कई बार इसके पीछे शरीर में पानी की कमी, Vitamin B, Iron या Zinc की कमी, एलर्जी, होंठ चाटने की आदत या कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी जिम्मेदार हो सकती हैं। हालांकि, केवल फटे होंठ देखकर किसी बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती।

अगर आपके होंठ बार-बार सूखते हैं, उनमें दर्द, जलन या दरारें बनने लगती हैं, तो इसके वास्तविक कारण को जानना जरूरी है। समय पर सही देखभाल और संतुलित आहार अपनाने से कई मामलों में इस समस्या से राहत मिल सकती है। इस लेख में हम Cracked Lips Causes, इसके संभावित कारण, किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, बचाव के आसान तरीके और डॉक्टर से कब सलाह लेना उचित होता है, इन सभी बातों को सरल और प्रमाण-आधारित जानकारी के साथ विस्तार से समझेंगे।

Cracked Lips Causes - बार-बार फटते होंठ, Vitamin B की कमी, डिहाइड्रेशन और स्वास्थ्य समस्याओं के संभावित कारण

Quick Answer Box

हाँ, कुछ मामलों में बार-बार फटते होंठ Vitamin B Complex, Iron, Zinc की कमी, डिहाइड्रेशन, एलर्जी, होंठ चाटने की आदत या कुछ स्वास्थ्य स्थितियों से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि केवल फटे होंठ देखकर किसी बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती। यदि समस्या लंबे समय तक बनी रहे या अन्य लक्षण भी हों, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।


क्या बार-बार फटते होंठ किसी बीमारी का संकेत हो सकते हैं?

हाँ, कुछ मामलों में बार-बार फटते होंठ Vitamin B Complex, Iron, Zinc की कमी, डिहाइड्रेशन, एलर्जी, संक्रमण या कुछ स्वास्थ्य स्थितियों से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि केवल होंठ फटना किसी बीमारी का निश्चित प्रमाण नहीं होता। यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, बार-बार खून आए या इसके साथ अन्य असामान्य लक्षण भी दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित रहता है।


Cracked Lips Causes: बार-बार होंठ क्यों फटते हैं?

होंठों की त्वचा शरीर के अन्य हिस्सों की तुलना में अधिक पतली और संवेदनशील होती है। इनमें प्राकृतिक तेल बनाने वाली ग्रंथियां लगभग नहीं होतीं, इसलिए थोड़ी-सी नमी की कमी भी इन्हें जल्दी सूखा और फटा हुआ बना सकती है। आइए जानते हैं इसके प्रमुख कारण।

1. शरीर में पानी की कमी (Dehydration)

शरीर में पर्याप्त पानी न होने पर सबसे पहले असर त्वचा और होंठों पर दिखाई देने लगता है। कम पानी पीना, अधिक पसीना आना, गर्म मौसम, उल्टी-दस्त या लंबे समय तक धूप में रहने से शरीर डिहाइड्रेट हो सकता है। ऐसे में होंठों की नमी कम होने लगती है और वे फटने लगते हैं।

यदि होंठ फटने के साथ मुंह सूखना, गहरे रंग का पेशाब, सिरदर्द, कमजोरी या अधिक प्यास लगने जैसे लक्षण भी हों, तो यह डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है। पर्याप्त पानी, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थ लेने से शरीर में नमी बनाए रखने में मदद मिलती है।


2. बार-बार होंठ चाटने की आदत

कई लोगों को सूखे होंठों पर बार-बार जीभ फेरने की आदत होती है। शुरुआत में इससे थोड़ी राहत महसूस होती है, लेकिन लार सूखने के बाद होंठ पहले से अधिक रूखे हो जाते हैं। लगातार ऐसा करने से होंठों की बाहरी सुरक्षा परत कमजोर होने लगती है और उनमें दरारें पड़ सकती हैं।

यदि आपको यह आदत है, तो इसे धीरे-धीरे छोड़ने की कोशिश करें और आवश्यकता होने पर अच्छी गुणवत्ता वाला मॉइस्चराइजिंग लिप बाम लगाएं।


3. मौसम में बदलाव

सर्दियों की ठंडी और शुष्क हवा, तेज धूप, गर्म हवाएं, कम नमी वाला वातावरण या लंबे समय तक एयर कंडीशनर में रहना भी होंठों को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे मौसम में होंठों की प्राकृतिक नमी तेजी से कम होती है और वे फटने लगते हैं।

मौसम बदलने पर नियमित रूप से लिप मॉइस्चराइजर का उपयोग करना और पर्याप्त पानी पीना इस समस्या से बचाव में मदद कर सकता है।


4. Vitamin B की कमी

Vitamin B समूह, विशेष रूप से Vitamin B2 (Riboflavin), Vitamin B6 और Vitamin B12, त्वचा और मुंह के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इनकी कमी होने पर कुछ लोगों में होंठ फटना, मुंह के किनारों पर दर्दनाक दरारें पड़ना, जीभ में जलन या मुंह के अंदर छाले जैसी समस्याएं दिखाई दे सकती हैं।

हालांकि केवल होंठ फटने से Vitamin B की कमी की पुष्टि नहीं की जा सकती। यदि डॉक्टर को आवश्यकता लगे तो वे खून की जांच की सलाह दे सकते हैं।


5. Iron की कमी

Iron की कमी से होने वाला एनीमिया पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है। पर्याप्त Iron न मिलने पर शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे कमजोरी के साथ-साथ त्वचा और होंठों पर भी असर पड़ सकता है।

यदि होंठ फटने के साथ अत्यधिक थकान, चक्कर आना, सांस फूलना, त्वचा का पीला पड़ना या बाल झड़ना जैसी समस्याएं भी हों, तो डॉक्टर से जांच कराना उचित रहेगा।


6. Zinc की कमी

Zinc एक महत्वपूर्ण खनिज है जो त्वचा की मरम्मत, घाव भरने और प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर त्वचा और होंठों से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं तथा छोटे घावों को भरने में अधिक समय लग सकता है।

संतुलित आहार में मेवे, बीज, दालें, साबुत अनाज और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करने से Zinc की पर्याप्त मात्रा प्राप्त की जा सकती है।


7. एलर्जी (Allergic Reaction)

कुछ लोगों में Lipstick, Lip Balm, Toothpaste, Mouthwash, Cosmetic Products या कुछ खाद्य पदार्थों से एलर्जी हो सकती है। एलर्जी होने पर होंठों में सूजन, खुजली, लालिमा, जलन या छिलने जैसी समस्या हो सकती है।

यदि किसी नए उत्पाद का उपयोग करने के बाद समस्या शुरू हुई हो, तो उसका उपयोग बंद कर दें और जरूरत पड़ने पर त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।


किन Vitamin की कमी से होंठ फट सकते हैं?

यदि आपके होंठ लंबे समय से बार-बार फट रहे हैं और सामान्य देखभाल के बाद भी सुधार नहीं हो रहा है, तो डॉक्टर आपकी डाइट और पोषण की स्थिति का मूल्यांकन कर सकते हैं। कुछ Vitamin और Minerals की कमी इस समस्या से जुड़ी हो सकती है।

Vitamin B2 (Riboflavin) :

Vitamin B2 त्वचा और मुंह की श्लेष्म झिल्लियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। इसकी कमी होने पर होंठों के किनारों पर दरारें, मुंह में जलन और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अच्छे स्रोत हैं दूध, दही, बादाम, हरी पत्तेदार सब्जियां और साबुत अनाज।


Vitamin B6 :

Vitamin B6 शरीर की कई महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रियाओं में शामिल होता है। इसकी कमी कुछ लोगों में त्वचा और मुंह से जुड़ी समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकती है।

इसके लिए केला, चना, आलू, दालें और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपयोगी माने जाते हैं।

Vitamin B12 :

Vitamin B12 लाल रक्त कोशिकाओं और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कार्य के लिए आवश्यक है। इसकी कमी होने पर कुछ लोगों में मुंह और होंठों से जुड़े लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।

दूध, दही, पनीर, अंडे और फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ इसके अच्छे स्रोत हैं। यदि आप लंबे समय से शाकाहारी हैं और कमी की आशंका है, तो डॉक्टर की सलाह लेना उचित रहेगा।


क्या बार-बार फटते होंठ किसी बीमारी का संकेत हो सकते हैं?

ज्यादातर मामलों में फटे होंठ मौसम, डिहाइड्रेशन या जीवनशैली से जुड़े कारणों की वजह से होते हैं। लेकिन यदि यह समस्या बार-बार लौटकर आए या लंबे समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर अन्य संभावित स्वास्थ्य कारणों की भी जांच कर सकते हैं।

एनीमिया (Anemia) :

Iron की कमी से होने वाला एनीमिया शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति को प्रभावित करता है। इसके साथ होंठों का फटना, कमजोरी, थकान और त्वचा का पीला पड़ना जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।

Hypothyroidism :

थायरॉयड हार्मोन की कमी के कारण त्वचा अत्यधिक रूखी हो सकती है। कुछ लोगों में इसका असर होंठों पर भी दिखाई देता है, हालांकि यह अकेला लक्षण नहीं होता।

Angular Cheilitis :

इस स्थिति में मुंह के दोनों किनारों पर दर्दनाक दरारें बन जाती हैं। इसके पीछे फंगल संक्रमण, बैक्टीरिया, Vitamin की कमी या अन्य कारण हो सकते हैं। सही कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जांच आवश्यक होती है।

ध्यान रखें कि केवल होंठ फटने के आधार पर किसी बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। यदि समस्या लगातार बनी रहे, बार-बार खून आए, घाव ठीक न हों या इसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दें, तो योग्य डॉक्टर से सलाह लेकर आवश्यक जांच कराना सबसे सुरक्षित और उचित कदम है।


किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

अधिकांश मामलों में होंठों का फटना सामान्य कारणों से होता है और उचित देखभाल से ठीक भी हो जाता है। लेकिन यदि समस्या लंबे समय तक बनी रहे या इसके साथ कुछ गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है।

इन स्थितियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए—

  • होंठ 2–3 सप्ताह तक लगातार फटे रहें।
  • बार-बार खून आए या गहरे घाव बनने लगें।
  • मुंह के किनारों पर दर्दनाक दरारें बार-बार बनें।
  • होंठों में सूजन, पस या संक्रमण के लक्षण दिखाई दें।
  • तेज दर्द, जलन या बुखार के साथ समस्या हो।
  • होंठों का रंग अचानक नीला, सफेद या बहुत अधिक काला होने लगे।
  • फटे होंठों के साथ अत्यधिक कमजोरी, चक्कर आना या वजन कम होना जैसे अन्य लक्षण भी दिखाई दें।

ऐसी स्थिति में स्वयं इलाज करने के बजाय योग्य डॉक्टर से जांच कराना सबसे सुरक्षित विकल्प होता है।


बार-बार फटते होंठों से बचने के आसान तरीके

यदि होंठों के फटने का कारण कोई गंभीर बीमारी नहीं है, तो कुछ अच्छी आदतें अपनाकर इस समस्या के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

पर्याप्त पानी पिएं

शरीर में पानी की कमी होंठों को जल्दी सूखा बना सकती है। पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य स्वस्थ तरल पदार्थ लेने की आदत बनाएं।

होंठों को बार-बार न चाटें

होंठ चाटने से कुछ सेकंड की राहत मिल सकती है, लेकिन लार सूखने के बाद होंठ पहले से अधिक रूखे हो जाते हैं।

मॉइस्चराइजिंग Lip Balm का उपयोग करें

होंठों को सूखने और फटने से बचाने के लिए नियमित रूप से मॉइस्चराइजिंग Lip Balm का उपयोग करें। ऐसा लिप बाम चुनें जिसमें Petrolatum, Shea Butter, Beeswax या Ceramides जैसे मॉइस्चराइजिंग तत्व हों, क्योंकि ये होंठों की नमी बनाए रखने में मदद करते हैं। यदि आप लंबे समय तक धूप में रहते हैं, तो SPF 30 या उससे अधिक वाला Lip Balm बेहतर विकल्प हो सकता है। साथ ही, होंठों को बार-बार चाटने से बचें, क्योंकि इससे उनकी प्राकृतिक नमी और तेजी से कम हो सकती है।


होंठों के लिए क्या खाएं?

संतुलित और पौष्टिक भोजन केवल शरीर ही नहीं बल्कि होंठों के स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है।

पोषक तत्वखाने की चीजेंलाभ
Vitamin Bदूध, दही, पनीर, साबुत अनाजहोंठों और त्वचा के स्वास्थ्य को सपोर्ट करता है।
Ironपालक, चना, राजमा, गुड़आयरन की कमी से जुड़ी समस्याओं के जोखिम को कम करने में मदद करता है।
Zincकद्दू के बीज, तिल, मेवेत्वचा की मरम्मत और घाव भरने में सहायक।
Vitamin Cआंवला, संतरा, अमरूदआयरन के अवशोषण और त्वचा के स्वास्थ्य में मदद करता है।
पानीपानी, नारियल पानी, छाछहोंठों को हाइड्रेट रखने में मदद करता है।

डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

निम्न परिस्थितियों में डॉक्टर से सलाह लेना उचित रहेगा—

  • होंठ 2–3 सप्ताह बाद भी ठीक न हों।
  • बार-बार खून आने लगे।
  • होंठों में संक्रमण या पस दिखाई दे।
  • मुंह के किनारों पर बार-बार दर्दनाक दरारें बनें।
  • अत्यधिक कमजोरी, एनीमिया या Vitamin की कमी की आशंका हो।
  • Diabetes, Thyroid या अन्य पुरानी बीमारी पहले से हो।

डॉक्टर आवश्यकता होने पर खून की जांच, Vitamin स्तर या अन्य परीक्षण की सलाह दे सकते हैं ताकि वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके।


निष्कर्ष

बार-बार फटते होंठ केवल सुंदरता से जुड़ी समस्या नहीं हैं, बल्कि कई बार यह शरीर में पानी की कमी, Vitamin B, Iron या Zinc की कमी, एलर्जी, संक्रमण या कुछ स्वास्थ्य स्थितियों का संकेत भी हो सकते हैं। हालांकि केवल होंठ फटने के आधार पर किसी बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

यदि पर्याप्त पानी पीने, संतुलित आहार लेने और होंठों की नियमित देखभाल के बावजूद समस्या बार-बार बनी रहती है या इसके साथ दर्द, खून, संक्रमण या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देते हैं, तो बिना देरी किए योग्य डॉक्टर से सलाह लें। सही समय पर कारण का पता लगने से उपचार आसान हो सकता है और भविष्य में होने वाली जटिलताओं से भी बचाव किया जा सकता है।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

क्या Vitamin B12 की कमी से होंठ फट सकते हैं?

कुछ लोगों में Vitamin B12 की कमी मुंह और होंठों से जुड़े लक्षणों से संबंधित हो सकती है। हालांकि इसकी पुष्टि केवल जांच के बाद ही की जा सकती है।


क्या Iron की कमी से होंठ फटते हैं?

हाँ, Iron की कमी से होने वाला एनीमिया कुछ लोगों में होंठ फटने और मुंह के किनारों पर दरारें बनने का कारण बन सकता है।


क्या केवल Lip Balm लगाने से समस्या ठीक हो जाती है?

यदि कारण केवल सूखापन है, तो Lip Balm मदद कर सकता है। लेकिन यदि समस्या पोषण की कमी, एलर्जी या किसी बीमारी से जुड़ी है, तो केवल Lip Balm पर्याप्त नहीं होगा।


क्या बच्चों के होंठ भी बार-बार फट सकते हैं?

हाँ, बच्चों में भी मौसम, कम पानी पीना, होंठ चाटने की आदत या अन्य कारणों से यह समस्या हो सकती है।


क्या फटे होंठ हमेशा किसी बीमारी का संकेत होते हैं?

नहीं। अधिकांश मामलों में यह मौसम, डिहाइड्रेशन या जीवनशैली से जुड़ी सामान्य समस्या होती है। फिर भी यदि समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर से जांच कराना उचित है।

विश्वसनीय स्रोत: MedlinePlus फटे होंठ (Chapped Lips) के कारण, लक्षण, देखभाल और बचाव के बारे में विश्वसनीय जानकारी पढ़ें।


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Rani Devi (R.D. Yadav) is the Founder, Content Writer, and Editor of SatvikVedaHub. She researches and creates evidence-informed content on Ayurveda, Natural Health, Nutrition, Skin Care, Hair Care, Fitness, and Healthy Lifestyle using trusted medical and scientific resources.

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Dr. Piyush Kumar is the Medical Reviewer at SatvikVedaHub. He reviews health-related articles to help ensure they are medically accurate, evidence-informed, and aligned with current healthcare knowledge before publication.

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Sajal Rathaur is the Research Contributor at SatvikVedaHub. He supports the editorial team by researching reliable medical literature, scientific studies, government health resources, and trusted publications.

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