वायरल Chinese Apple Beauty Tea: क्या यह चाय त्वचा के लिए सच में काम करती है? रेसिपी और सच

Chinese Apple Beauty Tea: काँच के कप में सुनहरी सेब की चाय, पास में लाल खजूर, लॉन्गन और गोजी बेरी

सोशल मीडिया पर सेब, लाल खजूर, लॉन्गन और गोजी बेरी वाली एक गर्म चाय खूब दिख रही है, जिसे कई लोग “ब्यूटी टी” कहकर त्वचा की चमक से जोड़ते हैं। रेसिपी आसान है, लेकिन सवाल बड़े हैं। क्या यह चाय त्वचा को सचमुच बदलती है? क्या इसे रोज पीना ठीक है? और कप में बची सारी जड़ी-बूटियाँ खा लेनी चाहिए?

इस लेख में Chinese Apple Beauty Tea की पूरी विधि, हर सामग्री की सही पहचान और उपलब्ध शोध की ईमानदार तस्वीर है। संक्षेप में: सामग्री पोषण की दृष्टि से दिलचस्प हैं, पर इस पूरे पेय का त्वचा पर असर दिखाने वाला कोई सीधा मानव-अध्ययन हमें नहीं मिला। साथ ही, कुछ लोगों के लिए इसमें दवाओं के साथ गंभीर सावधानियाँ हैं।

मुख्य बातें: एक नज़र में

  • त्वचा पर असर: इस पूरे पेय का त्वचा पर कोई सीधा मानव-अध्ययन नहीं मिला, इसलिए “ब्यूटी टी” वाला दावा प्रमाणित नहीं है।
  • सही क्रम: सभी सामग्री लगभग 20 मिनट उबालें और गोजी बेरी सिर्फ अंतिम 1 मिनट में डालें। 700–800 मिलीलीटर पानी हमारा व्यावहारिक सुझाव है, कोई औषधीय खुराक नहीं।
  • सही पहचान: चीनी लाल खजूर भारतीय खजूर नहीं है, और Astragalus अश्वगंधा नहीं है।
  • बची सामग्री: सेब, खजूर और लॉन्गन खाए जा सकते हैं, पर Astragalus और Dwarf lilyturf को छानकर अलग करना अधिक सुरक्षित रास्ता है।
  • दवा लेने वाले सावधान: गोजी बेरी वारफरिन के साथ और Astragalus प्रतिरक्षा दबाने वाली दवाओं व लिथियम के साथ दिक्कत कर सकती है।
  • रोज पीना: रोजाना सेवन की कोई प्रमाणित मात्रा या अवधि नहीं है, इसलिए इसे कभी-कभार का पेय मानें।
Dr. Piyush Kumar

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Dr. Piyush Kumar

Published on: 19 Oct 2026 | Last updated on: 19 Oct 2026

Chinese Apple Beauty Tea क्या है?

चीनी घरेलू खान-पान में लाल खजूर, लॉन्गन और गोजी बेरी जैसी सूखी सामग्री से गर्म पेय बनाने की पुरानी परंपरा है। सोशल मीडिया पर इसी तरह का “उबला सेब पेय” कई नामों से घूमा है। एक समाचार रिपोर्ट के अनुसार इसे “Chinese baddie tea” भी कहा गया, और कुछ लोग इसमें लाल खजूर, गोजी बेरी, लॉन्गन और सूखा संतरे का छिलका डालते हैं।

यहाँ दी गई रेसिपी में Astragalus की जड़ और Dwarf lilyturf भी हैं। यही दो चीज़ें इसे साधारण फल-चाय से अलग, जड़ी-बूटी वाला पेय बनाती हैं, और इसी वजह से सुरक्षा के सवाल भी यहीं से उठते हैं।

पारंपरिक उपयोग और सोशल मीडिया की लोकप्रियता दो अलग चीज़ें हैं। कुछ पोस्ट में इस पेय को किसी चीनी अभिनेत्री से जोड़ा गया है, लेकिन हमें इसकी पुष्टि किसी विश्वसनीय स्रोत से नहीं मिली, इसलिए हम इस दावे को नहीं दोहरा रहे।

इसे बनाने के लिए कौन-कौन सी सामग्री चाहिए?

एक बार की मात्रा (लगभग 700–800 मिलीलीटर पानी के लिए):

  1. सेब: 1 मध्यम आकार का, पतले टुकड़ों में कटा हुआ।
  2. लाल खजूर (Chinese red dates, यानी जूजूबे): 4 बड़े, गुठली निकालकर।
  3. सूखे लॉन्गन: 10 फल।
  4. गोजी बेरी (Goji berries): 5 ग्राम।
  5. Dwarf lilyturf (Mai Dong): 5 ग्राम।
  6. Astragalus की जड़: 5 स्लाइस।

हर सामग्री की सही पहचान

  • लाल खजूर: यह भारतीय बाज़ार का सामान्य खजूर या छुहारा नहीं है। वह खजूर के पेड़ (Phoenix dactylifera) का फल है। चीनी लाल खजूर Ziziphus jujuba का सूखा फल है, जो भारत में मिलने वाले बेर (Ziziphus mauritiana) का करीबी रिश्तेदार है। स्वाद और बनावट में भी फर्क है: यह छोटा, झुर्रीदार और हल्का खट्टा-मीठा होता है।
  • लॉन्गन: Dimocarpus longan का सूखा गूदा, जो लीची का रिश्तेदार फल है। चीनी नाम long yan rou है।
  • गोजी बेरी: आमतौर पर Lycium barbarum। गोजी पर एक समीक्षा के अनुसार बाज़ार में बिकने वाली गोजी बेरी का लगभग 90 प्रतिशत यही प्रजाति है। Lycium chinense भी इसी वर्ग में आती है।
  • Dwarf lilyturf: वैज्ञानिक नाम Ophiopogon japonicus, पारंपरिक चीनी नाम Mai Men Dong (麦冬)। यह घास जैसे पौधे की कंदीय जड़ है। एक वैज्ञानिक समीक्षा बताती है कि चीन में “maidong” नाम से Liriope प्रजाति की जड़ें भी इस्तेमाल होती हैं, इसलिए पैक पर वनस्पति नाम जरूर देखें।
  • Astragalus: Astragalus membranaceus (या A. mongholicus), चीनी नाम Huang Qi। यह अश्वगंधा (Withania somnifera) या किसी अन्य भारतीय जड़ी-बूटी जैसी नहीं है। Merck Manual के अनुसार Astragalus की 2,000 से ज्यादा प्रजातियाँ हैं, पर सप्लीमेंट में आमतौर पर इन्हीं दो का उपयोग होता है।

खरीदते समय ध्यान दें: जहाँ संभव हो, पैक पर वैज्ञानिक नाम और खाद्य-उपयोग की जानकारी देखें। सूखे आयातित फलों में गंदगी या फफूँद हो सकती है, इसलिए रंग, गंध और पैकिंग की तारीख जाँचें। अगर किसी जड़ी-बूटी की पहचान स्पष्ट न हो, तो उसे न डालें।

Chinese Apple Tea Recipe बनाने का सही तरीका

पानी की मात्रा: मूल रेसिपी में पानी की निश्चित मात्रा नहीं है। 700–800 मिलीलीटर हमारा शुरुआती व्यावहारिक सुझाव है। यह किसी पारंपरिक या चिकित्सकीय खुराक की मात्रा नहीं है। स्वाद गाढ़ा या हल्का रखने के लिए पानी घटा-बढ़ा सकते हैं।

  1. जाँच और सफाई: सभी सामग्री की पहचान और गुणवत्ता देखें। सेब, लाल खजूर, लॉन्गन और जड़ी-बूटी के टुकड़ों को बहते पानी में धो लें।
  2. बर्तन में डालें: सेब के टुकड़े, गुठली निकाले लाल खजूर, सूखे लॉन्गन, Dwarf lilyturf और Astragalus के 5 स्लाइस 700–800 मिलीलीटर पानी में डालें।
  3. 20 मिनट पकाएँ: मिश्रण को धीमी से मध्यम आँच पर लगभग 20 मिनट उबालें।
  4. आखिरी 1 मिनट में गोजी बेरी: गोजी बेरी को शुरू से नहीं, पकने के अंतिम 1 मिनट में डालें।
  5. परोसें: आँच बंद करें और गर्म पेय कप में डालें। छानकर पीना सबसे सुरक्षित रहेगा (कारण अगले भाग में है)।

गोजी बेरी आखिर में क्यों? पारंपरिक रेसिपी में यही क्रम बताया गया है। व्यावहारिक कारण यह हो सकता है कि छोटी और नरम बेरी लंबे उबाल में पूरी तरह गल जाती है और बनावट खराब हो जाती है। उबालने से इसके पोषक तत्त्वों में क्या बदलाव आता है, इस पर हमें स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला, इसलिए यहाँ कोई पोषण-संबंधी दावा नहीं किया जा रहा।

पहली बार बनाने वालों के लिए: स्वाद अलग-अलग क्यों आता है? लाल खजूर और लॉन्गन में प्राकृतिक मिठास होती है, इसलिए अलग से चीनी की जरूरत आमतौर पर नहीं पड़ती। सेब की किस्म, खजूर का आकार और जड़ों का कड़वापन स्वाद बदल देते हैं। पहली बार हल्की मात्रा से शुरू करें और बाद में अपने स्वाद के अनुसार बदलाव करें, लेकिन 20 मिनट और अंतिम 1 मिनट का क्रम न बदलें।

सेब, लाल खजूर, लॉन्गन और दूसरी जड़ी-बूटियों की क्या भूमिका है?

यहाँ तीन बातें अलग रखना जरूरी है: सामग्री का पोषण, उसका पारंपरिक उपयोग और उसके पक्ष में मौजूद वैज्ञानिक प्रमाण। एक सामग्री के गुण को पूरे पेय का सिद्ध लाभ नहीं माना जा सकता।

सेब। यह इस पेय का आधार फल है और स्वाद-मिठास में योगदान देता है। इस विशेष पेय में उबले सेब से त्वचा पर कोई असर दिखाने वाला अध्ययन हमें नहीं मिला।

लाल खजूर (जूजूबे)। चीनी परंपरा में इसे पेय और सूप में डाला जाता है। Drugs.com के संकलन के अनुसार जूजूबे का पारंपरिक उपयोग चिंता, अनिद्रा और पाचन के लिए होता रहा है, पर सुरक्षा और प्रभाव के प्रमाण सीमित हैं। एक औषधि-डेटाबेस के अनुसार झुर्रियों या उम्र बढ़ने वाली त्वचा के लिए इसके उपयोग का अच्छा वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। यह रक्त-शर्करा घटा सकता है और सुस्ती पैदा करने वाली दवाओं के साथ सावधानी चाहिए।

लॉन्गन। पारंपरिक रूप से इसे गर्म तासीर वाला फल माना जाता है और गर्भावस्था में सावधानी की परंपरागत सलाह मिलती है। यह एक पारंपरिक मान्यता है, प्रमाणित चिकित्सकीय निष्कर्ष नहीं। लॉन्गन से त्वचा को लाभ होने के मानव-अध्ययन हमें नहीं मिले।

गोजी बेरी। यही वह सामग्री है जिस पर सबसे ज्यादा शोध है। एक व्यवस्थित समीक्षा के अनुसार गोजी बेरी के पॉलीसैकेराइड पर हुए अध्ययनों में एंटीऑक्सिडेंट और सूजन-रोधी असर के अच्छे संकेत मिले हैं, पर चुने गए 20 प्रकाशनों में से सिर्फ 2 ही मानव नैदानिक अध्ययन थे। एक दूसरी समीक्षा में लेखकों ने बड़े, लंबे और सख्त नियंत्रित परीक्षणों की कमी को मुख्य बाधा बताया है।

Dwarf lilyturf (Mai Dong)। चीनी चिकित्सा में इसकी जड़ को सूखे गले और फेफड़ों से जुड़े उपयोग में लिया जाता है। एक आलोचनात्मक वैज्ञानिक समीक्षा के अनुसार विषाक्तता की दृष्टि से Ophiopogon japonicus सुरक्षित प्रतीत होती है, पर यह निष्कर्ष औषधीय अर्क और अध्ययनों पर आधारित है, इस पेय की मात्रा या रोज के सेवन पर नहीं। इसके रक्त-शर्करा घटाने जैसे परिणाम चूहों के अध्ययन में मिले हैं, इन्हें इंसानों पर सिद्ध न मानें।

Astragalus। यह इस पेय की सबसे विवादित सामग्री है। MSK के अनुसार इसके लाभ का श्रेय पॉलीसैकेराइड और ट्राइटरपेनॉइड सैपोनिन को दिया जाता है, पर लंबी अवधि की सुरक्षा और प्रभाव पर और शोध की जरूरत है। Merck Manual स्पष्ट कहता है कि इसके उपयोग की सलाह नहीं दी जाती, क्योंकि पुष्ट लाभ संभावित दुष्प्रभावों को संतुलित नहीं करते।

क्या Chinese Apple Beauty Tea त्वचा के लिए फायदेमंद है?

संक्षिप्त उत्तर: हमें इस पूरे पेय पर त्वचा की नमी, चमक या झुर्रियों को लेकर कोई सीधा मानव-परीक्षण नहीं मिला। इसलिए “त्वचा निखारती है” को प्रमाणित दावा नहीं कहा जा सकता।

जो प्रमाण मिलते हैं, वे अलग-अलग और अप्रत्यक्ष हैं:

  • गोजी बेरी के जूस पर हुए एक अध्ययन में चूहों को UV किरणों से हुए नुकसान में कमी दिखी थी। यह जानवरों पर हुआ अध्ययन है और जूस पर था, उबली चाय पर नहीं।
  • गोजी बेरी के मानव अध्ययनों की समीक्षा में खाने वाले समूह में त्वचा के कैरोटीनॉइड का स्तर बढ़ा पाया गया। यह एक जैव-चिह्न है। यह झुर्रियाँ घटने या त्वचा की चमक का प्रमाण नहीं है।
  • एंटीऑक्सिडेंट की मौजूदगी का मतलब यह नहीं कि पेय उम्र बढ़ने को रोकता है।

चाय संतुलित आहार का एक गर्म, स्वादिष्ट हिस्सा हो सकती है, पर यह त्वचा रोग या रूखेपन का उपचार नहीं है। अगर त्वचा बहुत रूखी, खुजलीदार या संक्रमित दिख रही है, तो उसे चाय से नहीं, त्वचा विशेषज्ञ से दिखाएँ। त्वचा की देखभाल की व्यावहारिक आदतों के लिए हमारा घर पर हेल्दी ग्लो के लिए आसान दिनचर्या वाला लेख और पानी जैसे चीनी पेयों पर Mulberry Rose Poria Water का विश्लेषण भी पढ़ सकते हैं।

क्या इसे रोज पीना चाहिए?

हमें इस मिश्रण के रोजाना सेवन की कोई प्रमाणित मात्रा या अवधि नहीं मिली, और हम इसे गढ़ेंगे नहीं। रोज पीने के पक्ष में भी कोई स्थापित प्रमाण नहीं है।

इसमें कुछ बातें सोचने लायक हैं। पहली, लाल खजूर और लॉन्गन में प्राकृतिक शर्करा होती है। दूसरी, लाल खजूर, Astragalus और Dwarf lilyturf से जुड़े स्रोतों में रक्त-शर्करा घटने की बात मिलती है, यानी मधुमेह की दवा लेने वाले लोगों को खास ध्यान चाहिए। तीसरी, Astragalus की लंबी अवधि की सुरक्षा पर जानकारी सीमित है।

जिन्हें कोई दवा या बीमारी नहीं है, उनके लिए भी इसे रोजमर्रा की आदत बनाने के बजाय कभी-कभार का पेय मानना अधिक समझदारी है। यह हमारा संपादकीय निष्कर्ष है, चिकित्सकीय निर्देश नहीं। दवा लेने वालों को पहले सुरक्षा देखनी चाहिए, स्वाद बाद में।

पेय पीने के बाद बची सामग्री खानी चाहिए या नहीं?

इसके दो हिस्से हैं।

खाद्य फल: सेब, गुठली निकले लाल खजूर और लॉन्गन खाद्य फल हैं, और चाहें तो इन्हें खाया जा सकता है। गोजी बेरी भी खाई जाती है। पर ध्यान रखें कि वारफरिन लेने वाले लोगों में गोजी की बड़ी मात्रा से जुड़ी गंभीर रिपोर्टें हैं (नीचे देखें)।

औषधीय जड़ें: Astragalus के स्लाइस और Dwarf lilyturf को चबाकर खाने की सुरक्षा के पर्याप्त विश्वसनीय प्रमाण हमें नहीं मिले। Astragalus जड़ के स्लाइस आम तौर पर सख्त, रेशेदार होते हैं। एक स्रोत में Ophiopogon की कंद-जड़ को “खाने योग्य” बताया गया है, पर वह अलग-अलग उत्पादों और खाद्य-ग्रेड की पुष्टि नहीं करता। इसलिए सुरक्षित रास्ता यह है कि इन दोनों को छानकर अलग कर दें और सिर्फ चाय पिएँ।

क्या बची सामग्री खाने से अतिरिक्त सौंदर्य लाभ मिलता है? ऐसा कोई प्रमाण हमें नहीं मिला। कुछ वीडियो में “एंटीऑक्सिडेंट के लिए गोजी खाने” की बात कही जाती है, पर यह प्रमाणित सौंदर्य लाभ नहीं है।

किन लोगों को इस पेय से सावधानी रखनी चाहिए?

नीचे हर समूह के लिए बताया गया है कि जोखिम कहाँ तक पहचाना गया है और जानकारी कहाँ अधूरी है।

वारफरिन या रक्त पतला करने वाली दवाएँ। गोजी बेरी के मामले में यह जोखिम सबसे स्पष्ट है। एक केस रिपोर्ट में 65 वर्षीय व्यक्ति को वारफरिन लेते हुए गोजी वाइन पीने के बाद INR बढ़ने और रक्तस्राव की समस्या हुई, और लेखकों ने बताया कि 6–12 ग्राम से ज्यादा गोजी वारफरिन का असर बढ़ा सकती है। ऐसे कई केस रिपोर्ट मौजूद हैं, पर ये केस रिपोर्ट हैं, बड़े परीक्षण नहीं। इस रेसिपी में गोजी 5 ग्राम है, फिर भी वारफरिन लेने वालों को पहले डॉक्टर से पूछना चाहिए। Astragalus के साथ वारफरिन पर हमें भरोसेमंद पुष्टि नहीं मिली; अनिश्चितता मानकर डॉक्टर से पूछें।

प्रतिरक्षा दबाने वाली दवाएँ और ऑटोइम्यून रोग। Astragalus प्रतिरक्षा तंत्र को सक्रिय कर सकता है। Merck Manual के अनुसार यह टैक्रोलिमस और साइक्लोस्पोरिन जैसी दवाओं के असर को घटा सकता है। एक औषधि-डेटाबेस के अनुसार मल्टीपल स्क्लेरोसिस, ल्यूपस या रूमेटाइड आर्थराइटिस जैसी स्थितियों में इससे बचना चाहिए। ट्रांसप्लांट या कीमोथेरेपी (साइक्लोफॉस्फामाइड) ले रहे लोग बिना डॉक्टर की सलाह के इसे बिल्कुल न लें।

लिथियम। एक औषधि-डेटाबेस के अनुसार Astragalus शरीर से लिथियम निकलने की क्षमता घटा सकता है, जिससे लिथियम का स्तर बढ़ने का जोखिम है।

हार्मोन-संवेदनशील कैंसर। Merck Manual के अनुसार Astragalus जैसे तत्त्वों का असर एस्ट्रोजन जैसा हो सकता है, जिससे एस्ट्रोजन घटाने वाले उपचार का असर कम हो सकता है।

मधुमेह और ब्लड प्रेशर की दवाएँ। Astragalus, जूजूबे और Dwarf lilyturf से जुड़े स्रोतों में रक्त-शर्करा कम होने का जिक्र है। ऐसे में शुगर की दवाओं के साथ शुगर का स्तर अनपेक्षित रूप से गिर सकता है।

शामक या नींद की दवाएँ। जूजूबे सुस्ती बढ़ा सकता है, और एक डेटाबेस इसे शामक दवाओं के साथ “मध्यम” सावधानी वाली जोड़ी बताता है।

अन्य दवाएँ। फ्लेकेनाइड जैसी दवा के साथ गोजी बेरी से विषाक्तता का एक केस रिपोर्ट छपा है। गोजी बेरी कुछ दवा-चयापचय एंजाइमों पर असर डालती दिखी है, पर यह ज्यादातर प्रयोगशाला शोध पर आधारित है।

गर्भावस्था और स्तनपान। जूजूबे भोजन की सामान्य मात्रा में आमतौर पर स्वीकार्य माना गया है, पर Drugs.com के अनुसार गर्भावस्था और स्तनपान में इसकी सुरक्षा और प्रभाव की जानकारी कम है। गोजी और Astragalus के बारे में हमें इस उपयोग के लिए भरोसेमंद सुरक्षा-प्रमाण नहीं मिला। प्रमाण का न होना सुरक्षित होने का प्रमाण नहीं है, और नुकसान सिद्ध होना भी नहीं है। सबसे सही कदम डॉक्टर से पूछना है।

एलर्जी, बच्चे और गंभीर या लंबी बीमारी। Astragalus से एलर्जी की संभावना (रैश, खुजली) बताई गई है। बच्चों के लिए इस जड़ी-बूटी वाले मिश्रण पर हमें सुरक्षा-डेटा नहीं मिला। गंभीर या पुरानी बीमारी में इसे शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर को बताएँ।

सर्जरी से पहले। अगर कोई ऑपरेशन तय है, तो ऐसे पेय की जानकारी सर्जन को दें।

संक्षेप में: दवा लेने वाले या विशेष स्वास्थ्य स्थिति वाले लोग नियमित सेवन से पहले डॉक्टर या योग्य फार्मासिस्ट से सलाह लें। यह पेय किसी बीमारी का उपचार या डॉक्टरी सलाह का विकल्प नहीं है।

निष्कर्ष

Chinese Apple Beauty Tea एक स्वादिष्ट, गर्म पेय की रेसिपी जरूर है, पर इसके नाम में “ब्यूटी” होने का मतलब यह नहीं कि त्वचा पर इसका असर साबित है। न इसे चमत्कारी मानें, न बिना प्रमाण के बेकार कहें। कुछ सामग्रियों पर प्रारंभिक शोध है, पर पूरे पेय का त्वचा पर परीक्षण नहीं हुआ।

अगर आप इसे बनाना चाहें, तो पहचान पक्की करें, क्रम न बदलें, औषधीय जड़ें छानकर अलग करें और रोज पीने को आदत न बनाएँ। दवा लेने वाले, गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएँ और ऑटोइम्यून या पुरानी बीमारी वाले लोग पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लें। ग्लोइंग स्किन के लिए रोजमर्रा के पेयों पर शोध की तस्वीर के लिए हमारा देसी ड्रिंक्स वाला लेख उपयोगी रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. Chinese Apple Beauty Tea क्या है?

यह सेब, चीनी लाल खजूर, सूखे लॉन्गन, गोजी बेरी, Dwarf lilyturf और Astragalus से बना गर्म पेय है। इसकी जड़ें चीनी घरेलू हर्बल पेय परंपरा में हैं, जबकि “ब्यूटी टी” वाला रूप सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हुआ है। त्वचा पर इसके असर का सीधा प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

2. Chinese Apple Tea Recipe में कौन-सी सामग्री इस्तेमाल होती है?

एक सेब, 4 गुठली-रहित चीनी लाल खजूर, 10 सूखे लॉन्गन, 5 ग्राम गोजी बेरी, 5 ग्राम Dwarf lilyturf (Mai Dong) और Astragalus के 5 स्लाइस। पानी की मात्रा लगभग 700–800 मिलीलीटर हमारा व्यावहारिक सुझाव है।

3. इसे कितनी देर तक उबालना चाहिए?

गोजी बेरी को छोड़कर सभी सामग्री को धीमी से मध्यम आँच पर लगभग 20 मिनट उबालें। गोजी बेरी अंतिम 1 मिनट में डालें। इस क्रम को बदलकर नई रेसिपी न बनाएँ।

4. Goji berries को आखिर में क्यों डाला जाता है?

पारंपरिक रेसिपी में यही क्रम बताया गया है। व्यावहारिक कारण यह हो सकता है कि छोटी, नरम बेरी लंबे उबाल में गल जाती है। उबालने से इसके पोषक तत्त्वों में क्या बदलाव आता है, इस पर हमें स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला।

5. क्या यह पेय त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करता है?

इसका कोई सीधा मानव-प्रमाण हमें नहीं मिला। गोजी बेरी पर कुछ जानवरों के अध्ययन और त्वचा-कैरोटीनॉइड जैसे संकेत मिलते हैं, पर ये चमक या झुर्रियों में सुधार साबित नहीं करते। इसे त्वचा का उपचार न मानें।

6. क्या इसे हर दिन पीना सुरक्षित है?

रोजाना सेवन की कोई प्रमाणित मात्रा या अवधि उपलब्ध नहीं है। दवा लेने वाले, गर्भवती, स्तनपान कराने वाली महिलाएँ, ऑटोइम्यून रोगी और मधुमेह वाले लोग पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पूछें। स्वस्थ वयस्क भी इसे कभी-कभार का पेय मानें।

7. क्या पेय के बाद सभी बची हुई सामग्री खानी चाहिए?

नहीं। सेब, खजूर, लॉन्गन जैसे खाद्य फल खाए जा सकते हैं, पर Astragalus और Dwarf lilyturf को चबाने की सुरक्षा पर हमें पर्याप्त पुष्ट जानकारी नहीं मिली। उन्हें छानकर अलग करना अधिक उपयुक्त है। इससे अतिरिक्त सौंदर्य लाभ का भी प्रमाण नहीं है।

8. क्या Goji berries या Astragalus का दवाओं के साथ इंटरैक्शन हो सकता है?

हाँ। गोजी बेरी के साथ वारफरिन में INR बढ़ने और रक्तस्राव के केस रिपोर्ट हैं। Astragalus प्रतिरक्षा दबाने वाली दवाओं, लिथियम और साइक्लोफॉस्फामाइड के असर को प्रभावित कर सकता है। दवा चल रही हो तो पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से बात करें।

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